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à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ की कमी (ओलिगोहाइडà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸)
In this article
à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ कà¥à¤¯à¤¾ है और यह इसका कà¥à¤¯à¤¾ काम है?
गरà¥à¤ में à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ का सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
मà¥à¤à¥‡ ओलिगोहाइडà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸ होने का कैसे पता चलेगा?
à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ कम होने की कà¥à¤¯à¤¾ वजह होती है?
à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‚इड कम होने से शिशॠपर कà¥à¤¯à¤¾ असर पड़ता है?
à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ कम हो जाने पर मà¥à¤à¥‡ अब कà¥à¤¯à¤¾ सवाधानी बरतनी चाहिà¤?
à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ कà¥à¤¯à¤¾ है और यह इसका कà¥à¤¯à¤¾ काम है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपका गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠगरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर तरल से à¤à¤°à¥€ हà¥à¤ˆ थैली (à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• सैक) में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है।
à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली दो à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ (मैमà¥à¤¬à¥‡à¤¨) से बनी होती है - कोरियान और à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‰à¤¨à¥¤ ये à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आपके शिशॠको à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ के थैले में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ ढंग से बंद रखती है।
ये à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आमतौर पर पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान टूटती हैं, जब आपका शिशॠजनà¥à¤® लेने के लिठतैयार होता है और दà¥à¤°à¤µ बाहर निकल जाता है। इसे पानी की थैली फटना कहा जाता है।
à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ पूरी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपके शिशॠको विकसित होने में बहà¥à¤¤ तरीकों से मदद करता है। जैसे कि:
यदि आपके पेट पर आघात लगे या फिर पेट दबने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में शिशॠको चोट लगने से बचाता है
आपके शिशॠके फेफड़ों और पाचन तंतà¥à¤° को परिपकà¥à¤µ होने में और मांसपेशियों और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को विकसित होने में मदद करता है।
शिशॠको इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से बचाता है
गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠका तापमान à¤à¤• समान बनाठरखता है
गरà¥à¤ में à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ का सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
शिशॠनियमित तौर पर à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ निगलता रहता है और यह शिशॠके शरीर से पेशाब के रूप में बाहर निकलता है। इसका मतलब है कि à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली में दà¥à¤°à¤µ की मातà¥à¤°à¤¾ आमतौर पर रोजाना घटती-बढ़ती रहती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ बढ़ने के साथ-साथ à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बढ़ती है। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में केवल कà¥à¤› मि.ली. दà¥à¤°à¤µ ही होता है मगर 36 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आसपास यह दà¥à¤°à¤µ 800 से 1000 मि.ली. के बीच पहà¥à¤‚च जाता है। 38 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद शिशॠके जनà¥à¤® तक यह धीरे-धीरे कम होना शà¥à¤°à¥ हो जाता है।
जब शिशॠके आसपास à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‚इड बहà¥à¤¤ कम रह जाता है, तो इसे ओलिगोहाइडà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸ कहा जाता है। जब इस फà¥à¤²à¥‚इड की मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो, इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को पॉलिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸ या हाइडà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸ कहा जाता है।
à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ कम होना गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आम समसà¥à¤¯à¤¾ है।
मà¥à¤à¥‡ ओलिगोहाइडà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸ होने का कैसे पता चलेगा?
à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ कम होने का पता शायद नियमित अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के दौरान चल जाà¤à¤—ा।
यदि आपका पेट या शिशॠआपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सà¥à¤¤à¤° के अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ से छोटा लगे (सà¥à¤®à¤¾à¤² फॉर डेट) तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ का सà¥à¤¤à¤° कम होने की आशंका हो सकती है।
जब किसी पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ जांच के दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤° मापन फीते से आपके पेट का माप लेंगी, तो उस दौरान उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस बारे में पता चल जाà¤à¤—ा।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ के सà¥à¤¤à¤° की जांच तब à¤à¥€ कर सकती हैं, जब आपके साथ कम जनà¥à¤® वजन शिशॠहोने के निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित जोखिम हों:
आप पहले à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सà¥à¤¤à¤° से छोटे शिशॠको या कम जनà¥à¤® वजन शिशॠजनà¥à¤® दे चà¥à¤•ी हैं।
आपको कोई विशेष सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जैसे कि लà¥à¤¯à¥‚पस आदि है।
आपको रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°) से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं।
यदि आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° को इसे लेकर कà¥à¤› चिंता हो तो वे आपको अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड सà¥à¤•ैन कराने के लिठकहेंगी।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड डॉकà¥à¤Ÿà¤° (सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¤°) पूरी à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली को देखकर दà¥à¤°à¤µ का सà¥à¤¤à¤° जांचेंगी। वे गरà¥à¤ में à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ की सबसे बड़ी पॉकेट की गहराई मापेंगी।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के हर सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के लिठà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‚इड के सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पहले से ही निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ हैं, इसलिठआपके सà¥à¤¤à¤° की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ à¤à¥€ इनसे की जाà¤à¤—ी। सामानà¥à¤¯à¤¤: दो सें.मी. (0.8 इंच) से कम का माप कम माना जाता है।
à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ कम होने की कà¥à¤¯à¤¾ वजह होती है?
इसका हमेशा कोई सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कारण नहीं होता है, इसलिठसटीकता से यह बता पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है कि आपके साथ यह कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हो रहा है। हालांकि, पानी की थैलीफटना इसका सबसे आम कारण है।
अनà¥à¤¯ कारणों में शामिल हैं:
शिशॠके जनà¥à¤® की नियत तिथि निकल चà¥à¤•ी है (ओवरडयू)
आपकी अपरा में कोई समसà¥à¤¯à¤¾ (पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टल इनसफिशिà¤à¤‚सी) है
आप जो दवा ले रही हैं उनमें से कà¥à¤› विशेष तरह की दवाà¤à¤‚ à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ के सà¥à¤¤à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर रही है
यदि आपके शिशॠकी मूतà¥à¤° पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में कोई आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक चिकितà¥à¤¸à¤•ीय समसà¥à¤¯à¤¾ है।
आपके à¤à¤• जैसे दिखने वाले जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ शिशà¥à¤“ं में से à¤à¤• उतनी अचà¥à¤›à¥€ तरह विकसित नहीं हो रहा है जितना होना चाहिà¤
पानी की थैली फटना
अगर, à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली फट जाती है, तो पानी या तो अचानक तेज बहाव के साथ निकल सकता है या फिर à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली के हलà¥à¤•ा सा फट जाने पर दà¥à¤°à¤µ धीरे-धीरे रिस सकता है। कई बार यह अंतर कर पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है कि यह पानी की थैली फट गई है या फिर गलती से पेशाब का रिसाव हà¥à¤† है।
अगर, आप निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ न हों कि आपकी पानी की थैली फटी है या नहीं, तो तà¥à¤°à¤‚त अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। अगर पà¥à¤°à¤¸à¤µ के संकà¥à¤šà¤¨ शà¥à¤°à¥ होने से पहले ही आपकी पानी की थैली फट जाà¤, मगर जलà¥à¤¦ ही पà¥à¤°à¤¸à¤µ शà¥à¤°à¥ न हो तो आपको इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होने का खतरा रहता है।
यदि आपको संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने के संकेत हों, तो à¤à¤‚टिबायटिक दवाà¤à¤‚ दी जा सकती हैं। यदि आपकी पानी की थैली 36 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से पहले फटी है, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को जारी रखने और आपको इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ देने के लिठà¤à¤‚टिबायोटिकà¥à¤¸ लेने की सलाह दी जाती है। जो à¤à¤‚टिबायोटिक दवाà¤à¤‚ दी जाती हैं वे आपके और आपके शिशॠके लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होती हैं। आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के कौन से सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में हैं, इसे देखते हà¥à¤ यदि जरà¥à¤°à¤¤ हà¥à¤ˆ तो आपको सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¥à¤¸ à¤à¥€ दिठजा सकते हैं।
हालांकि डॉकà¥à¤Ÿà¤° की कोशिश यही रहेगी कि शिशॠको जितने जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक गरà¥à¤ में रखा जा सके उतना अचà¥à¤›à¤¾ है मगर, यदि जटिलताà¤à¤‚ हà¥à¤ˆ तो वे आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करवाने की सलाह à¤à¥€ दी जा सकती है।
अगर, पà¥à¤°à¤¸à¤µ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ नहीं किया जाता, तो पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तौर पर पà¥à¤°à¤¸à¤µ शà¥à¤°à¥ होने तक आप पर पूरी निगरानी रखी जाà¤à¤—ी। कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली में हà¥à¤† चाक या छिदà¥à¤° अपने आप बंद हो जाता है, और आपका दà¥à¤°à¤µ रिसना रà¥à¤• जाता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आप और आपके शिशॠकी सेहत पर नजर रखेंगी और इसे देखते हà¥à¤ निरà¥à¤£à¤¯ लेंगी कि शिशॠको जनà¥à¤® देने का सबसे सही समय कौन सा रहेगा।
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